
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी में आयोजित छह दिवसीय ‘इंटरनेशनल फॉरेंसिक साइंस वीक-2026’ (ज्ञानप्रभा 2.0) का सफल समापन हुआ। समापन एवं दीक्षांत सत्र में झाँसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी विकास कुमार ने कहा कि आधुनिक दौर में अपराध की जांच और उसके सफल अभियोजन में फॉरेंसिक साइंस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अपराधी लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अत्याधुनिक फॉरेंसिक साक्ष्यों का इस्तेमाल जरूरी है।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस और भावी फॉरेंसिक वैज्ञानिकों के बीच बेहतर समन्वय न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और समाज में कानून का राज स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
21 सितंबर से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस वीक के दौरान डिजिटल फॉरेंसिक, क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन (CSI), डिबेट, लीगल एरिना और पोस्टर प्रेजेंटेशन सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा और फॉरेंसिक विज्ञान से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में एसएसपी विकास कुमार और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को मेडल, स्मृति चिह्न और आधिकारिक प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं संस्थान के निदेशक, विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक, पुलिस विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से मुख्य अतिथि एसएसपी विकास कुमार को स्मृति चिह्न भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
