
झाँसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में हुई युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार सहित तीन चारपहिया वाहन और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेमनगर थाने का एक आरक्षी भी शामिल है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि 13 सितंबर की रात परवेज अली घर से बाहर गया था। देर रात परिजनों को उसके नशे की हालत में नगरा हाट में पड़े होने की सूचना मिली। परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पोस्टमार्टम में शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ और जांच में सामने आई साजिश
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने मृतक को ड्रग्स का सैंपल देने के बहाने बुलाया था। आरोप है कि उसे अवैध रूप से कब्जे में लेकर जेल भेजने का भय दिखाते हुए धन वसूली की योजना बनाई गई थी। इसी दौरान वाहन में मृतक को आरोपियों की मंशा का पता चल गया और विरोध करने पर हाथापाई शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए।
8 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने प्रयांश, जय श्रीवास्तव उर्फ अमन, साहिल मिश्रा, भूपेन्द्र वंशकार, यश कछवाहे उर्फ बिट्टू, अर्शिल खान, शकुन नामदेव तथा आरक्षी 649 आशीष सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से लाल रंग की मारुति सुजुकी इग्निस, ईको स्पोर्ट्स और मारुति सुजुकी एस-क्रॉस के अलावा सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी विकास कुमार ने इस हत्याकांड के खुलासे में पुलिस टीम की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि पांच महिला पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की जांच और उसे सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी जानकारी के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रेमनगर तुलसीराम पाण्डेय सहित उपनिरीक्षक विवेकानंद, दीपक धामा, मोहित राणा, शमशुल हसन, रविकान्त शुक्ला, हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह और कांस्टेबल ज्ञानचन्द्र शामिल रहे।
