
झाँसी में पिछले 3 दिनों से चल रही आवास विकास परिषद नियोजन समिति की बैठक में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब अपनी जमीन बचाने ले लिए आए हुए तीन किसानों ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। उनकी इस कार्यवाही से दीनदयाल सभागार में चल रही बैठक में अधिकारियों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
झाँसी में कोछाभाँवर और टाकोरी गाँव में आवास विकास योजना संख्या-4 के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके विरोध में गांव के किसान के खिलाफ पिछले तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि विकास के नाम पर उनकी उपजाऊ जमीन छीनने की साजिश रची जा रही है। आज अचानक किसानों ने बैठक में प्रदर्शन करते हुए कहा कि वे जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे। अधिकारियों ने किसानों को समझाते हुए शांत कराया और भरोसा दिया कि किसी भी किसान की जमीन बिना सहमति के नहीं ली जाएगी। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) वरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि बैठक में लखनऊ से भी सम्बन्धित अधिकारी आए हुए थे, और किसानों से अधिग्रहण सम्बन्धी चर्चा की जा रही थी, किसी भी किसान की जमीन उसकी सहमति के बिना नहीं ली जाएगी, सभी आपत्तियों को लिखित में लिया जा रहा है और पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।
