थाना नवाबाद पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्यवाही में मेड किचन रेस्टोरेंट में हुई संजय सिंह की हत्या के मामले में दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी अजीम सैफी उर्फ भीम के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज झाँसी भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचे 315 बोर, नाल में फंसे दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस तथा हत्या की घटना में प्रयुक्त एक कार बरामद की है।
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि थाना नवाबाद पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर करगुवांजी के पास घेराबंदी की। यहां पुलिस मुठभेड़ के दौरान हत्या के मामले में वांछित अजीम सैफी उर्फ भीम एवं धर्मेंद्र सिंह परिहार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि मृतक संजय सिंह प्रॉपर्टी का काम करता था। इसी व्यवसाय से जुड़े अजय यादव तथा धर्मेंद्र सिंह परिहार भी प्रॉपर्टी का काम करते थे। पाल कॉलोनी स्थित एक जमीन को लेकर संजय सिंह और अजय यादव के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते संजय सिंह द्वारा अजय यादव के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास भी किया गया था।
इसी तरह शिवानी होटल के पीछे स्थित एक प्लॉट को लेकर भी संजय सिंह और धर्मेंद्र के बीच विवाद था। आरोप है कि संजय सिंह ने धर्मेंद्र को कमरे में बंद कर उसके साथ मारपीट की थी और प्लॉट पर कब्जा कर लिया था।
इसी रंजिश के चलते अजय यादव और धर्मेंद्र सिंह परिहार ने मिलकर संजय सिंह की हत्या की योजना बनाई। हत्या के लिए जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, हुसैन उर्फ खड्ड और अजीम सैफी उर्फ भीम को कथित तौर पर सुपारी दी गई थी। इसके लिए 50 हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे और शेष धनराशि घटना के बाद देने की बात तय हुई थी।
23 जुलाई 2026 की रात करीब साढ़े नौ बजे अजय यादव और धर्मेंद्र सिंह परिहार द्वारा सूचना दिए जाने पर जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, हुसैन उर्फ खड्ड और अजीम सैफी उर्फ भीम मैड किचन रेस्टोरेंट, खिलौना टॉकीज, इलाइट चौराहा, झांसी के पास पहुंचे और संजय सिंह की रेकी की। जब संजय सिंह रेस्टोरेंट में भोजन कर रहा था, तभी हुसैन उर्फ खड्ड ने उसके सिर पर नजदीक से पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गोली लगने से संजय सिंह की मृत्यु हो गई।
